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कन्या पूजन के समय इन बातों का रखें खास ध्यान, तभी माता रानी की बरसेगी असीम कृपा

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Oct 18, 2026 08:00 am IST,  Updated : Oct 18, 2026 08:06 am IST

नवरात्रि में कन्या पूजन करने से माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यता है कि कन्याओं को घर बुलाकर भोजन कराने से मां अंबे प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं।

कन्या पूजन का महत्व और नियम- India TV Hindi
कन्या पूजन का महत्व और नियम Image Source : INDIA TV

नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म में छोटी-छोटी बच्चियों को देवी मां का स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि में कन्या खिलाने से दुर्गा माता की अपार कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही व्यक्ति को धन-समृद्धि और संपन्नता का आशीर्वाद मिलता है। कन्या पूजन को कंजक पूजा भी कहा जाता है। कन्या पूजन नवरात्रि के 9 दिनों में किसी भी दिन किया जा सकता है। लेकिन अधिकतर लोग महाअष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं। इसी दिन भक्तगण छोटी-छोटी कन्याओं को अपने घर लाते हैं और पूजन के बाद उन्हें खीर-पूड़ी, चना और हलवा का प्रसाद खिलाते है। तो अगर आप भी नवरात्रि में कन्या पूजन करने वाले हैं इन बातों का जरूर ख्याल रखें। 

कन्या पूजन के जरूरी नियम

  • कन्याओं की संख्या का रखें ध्यान- कन्या पूजन में 9 कन्याएं देवी दुर्गा के नौ स्वरूप होती हैं। लेकिन 9 कन्याएं नहीं मिल पा रही हैं तो आप 3, 5 या 7 कन्याओं के साथ भी कन्या पूजन कर सकते हैं।

  • बटुक (बालक) को भी बुलाएं- कन्या पूजन के साथ एक छोटे बालक को भी रखें,  जिसे बटुक भैरव या लांगूरा कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि बिना बटुक के कन्या पूजन अधूरा रहता है।

  • पैरों को धोएं- कन्याओं के घर आने पर सबसे पहले अपने हाथों से उनके पैरों को साफ पानी से धोएं और स्वच्छ कपड़े से पोंछें। इसके बाद सभी कन्याओं को साफ-सुथरे आसन पर बैठाएं।

  • रोली से तिलक करें- सभी कन्याओं के पैरों में आलता लगाएं और रोली, अक्षत से तिल करें। इसके साथ ही कन्याओं को लाल चुनरी ओढ़ाएं या माथे पर बांधें।

  • सात्विकता और शुद्धता का रखें ध्यान- कन्या पूजन करने वाली जगह को पहले से साफ कर के उसे शुद्ध कर लें। वहीं कन्याओं को खिलाने वाला भोजन पूरी तरह सात्विक रखें। इसके प्याज-लहसुन भूलकर भी न डालें।

  • कन्याओं को खिलाने वाला भोजन- कन्याओं को खिलाने के लिए सूजी का हलवा, काले चने, खीर और पूड़ी उत्तम माना जाता है। लेकिन आप चाहे तो आलू या छोले की सब्जी भी रख सकते हैं बस इसमें प्याज-लहसुन न हो।

  • दक्षिणा और उपहार- कन्याओं और भैरव को भोजन कराने के बाद उन्हें अपनी क्षमतानुसार दक्षिणा और उपहार जरूर दें। फिर सभी कन्याओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और उन्हें अगले साल फिर आने का निमंत्रण देकर विदाई दें।

  • देवी मां को पहले भोग लगाएं- कन्या पूजन से पहले देवी मां को बनाए गए भोजन का भोग लगाएं उसके बाद कन्या खिलाना आरंभ करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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